भाजपा हाईकमान सीएम धामी को फ्रीहैंड देने के मूड में, सीएम के भरोसेमंद ही बनेंगे कैबिनेट का हिस्सा

भाजपा हाईकमान सीएम धामी को फ्रीहैंड देने के मूड में, सीएम के भरोसेमंद ही बनेंगे कैबिनेट का हिस्सा

 

 

देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों सत्तारूढ़ दल यानि भाजपा में गहमा गहमी का माहौल बना हुआ है। भाजपा सरकार के मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों व विधायकों का पार्टी हाईकमान के शीर्ष नेताओं से मुलाकात का सिलसिला जारी है। दरअसल मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ ही विस्तार होने की प्रबल संभावना है। सियासी सूत्र बताते हैं कि पार्टी हाईकमान इस बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फ्रीहैंड देने जा रही है,जिसमें कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। मंत्रिमंडल में वही चेहरे शामिल होंगे, जिन्हें धामी दरबार से आशीर्वाद मिलेगा।

 

दरअसल उत्तराखंड में धामी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल से लेकर मंत्रिमंडल विस्तार प्रस्तवित है। कई मौजूदा मंत्रियों की कुर्सी छिन सकती हैं। वहीं कुछ विधायकों ने मंत्रिमंडल में रिक्त चल रहे पदों पर अपनी दावेदारी जताई है।

 

सूत्रों की मानें तो भाजपाआलाकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि मंत्रिमंडल में सीएम धामी के भरोसेमंद चेहरों के नाम ही मुहर लगेगी।

 

उत्तराखंड के सीएम धामी ने यहां न सिर्फ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई, बल्कि लोकसभा चुनाव में पांचों सीटों पर विजयश्री बरकरार रखी। इससे उनका कद और बढ़ा।

 

यूं तो उत्तराखंड गठन के बाद से हर मुख्यमंत्री को अस्थिरता की अफवाहों से जूझना पड़ा है। इसमें कुछ अफसर और ऐसे चेहरे हमेशा अग्रणी भूमिका में रहते हैं, जिनकी स्वार्थ सिद्धि नहीं हो पाती है। ऐसी ही एक लॉबी इस समय भी अफवाह फैलाने से बाज नहीं आ रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी की हाईकमान पर मजबूत पकड़ के चलते यह अफवाह निर्मूल साबित होनी है।

 

 

हालांकि इस बार भी इस काकस ने सरकार के मंत्रियों के दिल्ली दौरों और विधायकों के सीएम धामी से मुलाकात के सिलसिले को राज्य में राजनीतिक अस्थिरता से जोड़ कर भ्रम फैलाने की कोशिश की है, जबकि वास्तविकता यह है कि सरकार में मंत्रियों के रिक्त चार पदों को भरने की तैयारी है। इसके साथ ही जिन पुराने मंत्रियों के कामकाज से सीएम नाखुश हैं, उन्हें भी हटाया जा सकता है।

 

 

यही वजह है, जो पिछले सवा दो साल से पूरी तरह सीन से गायब रहने वाले भाजपा नेता मदन कौशिक, बिशन सिंह चुफाल ने भी सीएम से मुलाकात में बिल्कुल भी समय नहीं गंवाया। कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने भी न सिर्फ सीएम से मुलाकात की, बल्कि एक साथ भोजन कर सीएम की गुडबुक में होने का संदेश देने की कोशिश की है।

 

बहरहाल, राज्य में किन किन विधायकों को कैबिनेट में हिस्सा मिलेगा, यह तो आने वाले दिनों में पता लग जाएगा, लेकिन मोदी शाह के दरबार से उन्हीं को क्लीन चिट मिलेगी, जो सीएम धामी के गुड लिस्ट में होंगे। यही वजह है कि विधायकों का सीएम से मुलाकात का सिलसिला जारी है।

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