सीबीजी प्लांट में जापान की तकनीक से विकसित होगा सुगंधित वनः महापौर महापौर ने किया ‘फ्रेगरेंस फॉरेस्ट’ कार्यक्रम का शुभारंभ, सुगंधित पौधे लगाये

सीबीजी प्लांट में जापान की तकनीक से विकसित होगा सुगंधित वनः महापौर
महापौर ने किया ‘फ्रेगरेंस फॉरेस्ट’ कार्यक्रम का शुभारंभ, सुगंधित पौधे लगाये

रुद्रपुर। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (आईएसडी) , नगर निगम रुद्रपुर एवं टाटा मोटर्स पंतनगर के सहयोग से फाजलपुर मेहरौला स्थित नगर निगम के सीबीजी प्लांट परिसर में जापान की मियावाकी तकनीक से वन विकसित किया जायेगा। हरेला पर्व पर ‘फ्रेगरेंस फॉरेस्ट’ कार्यक्रम के साथ इसकी शुरूआत की गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर निगम रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा ने किया।

महापौर ने कहा कि जापान की मियावाकी तकनीक पर करीब एक एकड़ में जंगल विकसित किया जायेगा। इसकी तकनीक की खास बात ये है कि इसमें जो पौधे लगाये जाते हैं वह एक दूसरे को सपोर्ट करते हैं और कम समय में जंगल विकसित होता है। नगर निगम यह नया प्रयोग कर रहा है, यह सफल रहा तो भविष्य में शहर के अन्य स्थानों पर भी इस तरह के जंगल विकसित किये जायेंगे। महापौर ने कहा कि बदलते पर्यावरण संतुलन और बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के बीच वृक्षारोपण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व सुरक्षित पर्यावरण देना हमारा नैतिक दायित्व है, और इसके लिए पौधारोपण सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए महापौर ने बताया कि प्रदेश में हरेला पर्व के अवसर पर पांच लाख से अधिक पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसकी शुरुआत आज हो चुकी है।

महापौर ने कहा कि नगर निगम रुद्रपुर की ओर से भी शहर के विभिन्न पार्कों व रिक्त स्थलों पर हजारों की संख्या में पौधे रोपे जाएंगे। महापौर ने हरेला पर्व के उपलक्ष्य में घोषणा करते हुए कहा कि नगर निगम की ओर से समाज के विभिन्न वर्गों को पौधारोपण की मुहिम से जोड़ने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जायेगा। जिसके तहत शहर के अलग अलग हिस्स्सों में स्थान चिन्हित कर वृहद स्तर पर पौधे लगाये जायेंगे। शहर में पंजाबी समाज, अग्रवाल समाज, बंगाली समाज, कुमांऊनी समाज, बांग्ला समाज, ब्राम्हण समाज, क्षत्रिय समाज सहित अलग अलग वर्गों की संस्थाओं को पौधे लगाने के साथ ही उनके संरक्षण की जिम्मेवारी भी दी जायेगी और उस वन का नाम समाज के नाम पर रखा जायेगा। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण सुरक्षा की इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और हर घर, हर मोहल्ले में हरियाली लाने में योगदान दें।

इस अवसर पर आईएसडी के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि ‘फ्रेगरेंस फॉरेस्ट’ में हरसिंगार, मधु कामिनी, रात की रानी, दिन का राजा, चंपा, कृष्ण कंवल, मधुमालती जैसे सुगंधित पौधों का रोपण किया जा रहा है, जो न केवल वातावरण को स्वच्छ बनाएंगे, बल्कि वातावरण में सुगंध भी घोलेंगे। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में फ्रेगरेंस फॉरेस्ट को एक पर्यावरणीय मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

कार्यक्रम का संचालन आईएसडी की परियोजना निदेशक बिंदु वासिनी ने किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त नरेश दुर्गा पाल,उपनगर आयुक्त श्रीमती शिप्रा जोशी पांडे, सहायक नगर आयुक्त श्रीमती राजू नबियाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील ठुकराल, हरजीत राठी, योगेश वर्मा, पार्षद नूरुद्दीन, बाबू खान , अशफाक चिराग कालरा, पवन राणा, राजेंद्र राठौड़, कैलाश राठौर, गिरीश पाल, शालू पाल, नीतू रॉय, मानवेंद्र रॉय, संतोष गुप्ता, राधे शर्मा, इंद्रजीत सिंह, राज कोली, राजू कोली, महेंद्र पाल मौर्य, राजन राठौर, देवेंद्र सिंह बामल,टाटा मोटर्स की ओर से सीएसआर मैनेजर प्रीतम मोतीलाल, प्रदीप सांगवान, हर्षल, निखिल टंडन सहित आईएसडी से रवींद्र वर्मा,नीरज सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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