Homeउत्तराखंडश्री रामलीला मंच पर धूमधाम से स्थापित किये गये महावीर ध्वज

श्री रामलीला मंच पर धूमधाम से स्थापित किये गये महावीर ध्वज

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*श्री रामलीला मंच पर धूमधाम से स्थापित किये गये महावीर ध्वज*

 

रूद्रपुर- नगर की प्राचीनतम बस अड्डे वाली रामलीला के मंच पर बड़ी धूमधाम से महावीर ध्वज स्थापित किया गया। श्री रामलीला कमेटी, श्री राम नाटक क्लब, श्री सनातन धर्म युवा मंच के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों सहित बड़ी संख्या में राम भक्त श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में जुटे। श्री राम जी की भूमिका निभा रहे मनोज अरोरा एवं श्री बजरंग बली हनुमान जी की भूमिका निभा रहे सुशील गाबा नें मंदिर में माथा टेककर ध्वज उठाया, इसके बाद मंदिर से लेकर श्रीराम लीला मंच स्थल तक ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच धूमधाम से ध्वज यात्रा प्रारंभ हुई।

 

धार्मिक जयघोशों के बीच इस ध्वज यात्रा में श्री रामलीला कमेटी एवं श्री राम नाटक क्लब के समस्त पदाधिकारी व सदस्य पूरी श्रद्धाभावना सेे उनके साथ -साथ चल रहे थे। उनेकों जगहों पर स्थानीय जनता नें पुश्पवर्शा कर ध्वज यात्रा का स्वागत किया। शिवाजी चौक भगत सिंह चौक एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए यह ध्वज यात्रा ध्वज यात्रा खेड़ा रोड प्राचीन रामलीला के मुख्य मंच तक पहुंची। श्री राम नाटक क्लब के सदस्य गुरशरण बब्बर शरणी व अन्य कलाकार द्वारा माईक से पूरे क्षेत्र में 13 अक्टूबर से प्रारम्भ हो रही श्री रामलीला की जानकारी देते हुयेे समस्त जनता जनार्दन से इसमें प्रतिभाग करनें का आह्वाहन किया जा रहा था। युवा सदस्य ढोल नगाड़ों की थाप पर इस उत्सव की खुषियां मना रहे थे। शोभायात्रा के मंच पर पहुंचनें पर पंडित ओमप्रकाश द्वारा धार्मिक मंत्रोच्चार के मध्य ध्वज पूजन किया गया। इसके बाद श्रीरामलीला कमेटी के संरक्षक तथा किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ व समस्त पदाधिकारियों नें आरती वंदन किया, इसके बाद मंच पर ध्वज स्थापना की।

 

 

👉🏻श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पवन अग्रवाल नें कहा कि सनातन हिन्दू धर्म में ऐसा माना जाता है कि बिना ध्वजा (ध्वज, पताका, झण्डा) के धर्मस्थल में असुर निवास करते है इसलिए धर्मस्थल में सदैव ध्वजा लगी होनी चाहिए । यह रक्षा ध्वज है जो मन्दिर और नगर की रक्षा करता है । प्राचीनकाल में देवताओं और असुरों में भीषण युद्ध हुआ । उस युद्ध में देवताओं ने अपने-अपने रथों पर जिन-जिन चिह्नों को लगाया, वे उनके ध्वज कहलाये। तभी से ध्वजा लगाने की परम्परा शुरु हुई । जिस देवता का जो वाहन है, वही उनकी ध्वजा पर भी अंकित होता है ।

 

 

इस दौरान श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष पवन अग्रवाल, महामंत्री विजय अरोरा, कोषाध्यक्ष सीए अमित गंभीर, समन्यवयक नरेश शर्मा, ट्रांजिट कैंप थानाध्यक्ष सुंदर शर्मा, विजय जग्गा, राकेश सुखीजा, रघुवीर अरोरा, अमित अरोरा बोबी, राजकुमार छाबड़ा, आशीष ग्रोवर आशू, हरीश सुखीजा, मनोज मंुजाल, विशाल भुड्डी, केवल कृष्ण बत्रा, हरीश अरोरा, मोहन लाल भुड्डी, महावीर आजाद, प्रेम खुराना, गौरव तनेजा, राजेश चावला, राजेश पुंशी , संजीव आनन्द, राम कृष्ण कन्नौजिया, अनिल तनेजा, सचिन आनंद, रमन अरोरा,सौरभ राज बेहड़, सुभाष तनेजा, राजकुमार कक्कड़, सचिन मंुजाल, अमन गुम्बर, रोहित खुराना, गोगी, अमित चावला, सन्नी आहूजा, आशीष मिड्ढा, विजय विरमानी, मनोज गाबा, अमित चावला, अमित वर्मा, कपिश सुखीजा, सुमित आनंद, दिव्यांश गोयल, गर्व ठक्कर, हर्ष नरूला, पुरुराज बेहड़, कनव गंभीर, जय तनेजा, मोहन अरोरा, नीतीश धीर, अशोक गुंबर, पुलकित बांबा, संदीप धीर, सनी नरूला, पप्पू सेवादार, आयुष्मान सुशील गाबा, विशाल अनेजा आदि उपस्थित थे।


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