50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने विधुत विभाग के रिटायर्ड एसडीओ के बेटे को गिरफ्तार किया

50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने विधुत विभाग के रिटायर्ड एसडीओ के बेटे को गिरफ्तार किया

काशीपुर। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता
से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने विभाग के रिटायर्ड एसडीओ के बेटे को गिरफ्तार किया है। उसने अपनी महिला मित्र की सहायता से रंगदारी की चिठ्ठी डाकखाने के माध्यम से भेजी थी। बीती 9 जनवरी को अजित कुमार यादव अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड कार्यालय बाजपुर रोड काशीपुर ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि खंड कार्यालय की डाक में एक रजिस्ट्री पोस्ट (धमकी भरा पत्र) प्राप्त हुई, जिसमें अज्ञात व्यक्ति द्वारा 50 लाख की फिरौती की मांग की गई व फिरौती की रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। तहरीर के आधार पर धारा 385 आईपीसी के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरताओं को भांपते हुए प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी के निर्देश पर टीम का गठन किया गया। मामले के विवेचक उप निरीक्षक कंचन पडलिया व टांडा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मनोज जोशी द्वारा मय टीम उक्त धमकी भरे पत्र रजिस्ट्री डाक की जांच की गई। जांच में रजिस्ट्री डाक डाकघर काशीपुर से पोस्ट होना पाई गई। रजिस्ट्री पोस्ट के दिनांक समय व अन्य चीजों का अवलोकन करते हुए डाकघर में लगे सीसीटीवी कैमरा का अवलोकन किया गया। इसमें एक महिला संदिग्ध पाई गई, जिसकी पहचान हेतु मुखबिर लगाए गए। शनिवार को एक मुखबिर ने उक्त संदिग्ध महिला की पहचान शालिनी पत्नी गुरजीत सिंह निवासी अलीगंज रोड काशीपुर के रूप में की। जिसको थाने में लाकर विधिवत पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 4 जनवरी को मेरे मित्र नितेश पुत्र मदनलाल ने मुझे एक रजिस्ट्री करने के संबंध में बुलाया। उसके कहने पर एक सील बंद रजिस्ट्री डाकघर काशीपुर से कर दी। उक्त महिला से पूछताछ के आधार पर उसके मित्र नितेश पुत्र मदनलाल से पूछताछ की गई तो उसने पूछताछ में घटना के संबंध में बताया कि मेरे पिता मदनलाल पिछले साल एसडीओ जसपुर के पद से रिटायर्ड हुए तथा उन्होंने खटीमा, बाजपुर, काशीपुर, जसपुर आदि क्षेत्रों में नौकरी की। जब वह रिटायर हो रहे थे तो सभी जगह से नोड्यूज सर्टिफिकेट मिल गया था परंतु काशीपुर से नोड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं हो पा रहा था। पूछने पर बताया कि उनके पिता के ऊपर कोई विभागीय जांच चल रही थी इसलिए अजीत कुमार यादव अधिशासी अभियंता द्वारा उनको नोड्यूज़ सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा था। इसी कारण नोड्यूज प्राप्त न होने के कारण उनके रिटायरमेंट का पैसा व अन्य फंड नहीं मिल पा रहा था, जिस कारण पिता मदनलाल मानसिक परेशानी में थे।इसी परेशानी को मैंने जानते हुए अधिशासी अभियंता पर दबाव बनाने के लिए एक रजिस्ट्री धमकी भरा पत्र अपनी महिला मित्र के माध्यम से डाकघर द्वारा भेज दिया। पूछताछ के उपरांत पुलिस ने नितेश को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले में अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। विवेचना प्रचलित है।

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