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सीड प्लांट के स्वामी ने युवती पर अपने साथी के साथ मिलकर उससे ठगी करने का आरोप लगाया

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सीड प्लांट के स्वामी ने युवती पर अपने साथी के साथ मिलकर उससे ठगी करने का आरोप लगाया

काशीपुर। एक सीड प्लांट के स्वामी ने एक युवती पर अपने साथी के साथ मिलकर उससे 1.5 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरीताल क्षेत्रांतर्गत वसंत विहार निवासी संजीव पाल अरोरा पुत्र स्व. ज्ञान चन्द अरोरा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके भाई सुरेन्द्र अरोरा का सीड्स प्लांट प्रयाग सीड्स, आनन्द एग्रो व दयाल सीड्स है। जिन पर उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक काशीपुर से लोन ले रखा है। जिसकी लोन रिकवरी को लेकर बैंक से वित्तीय मतभेद चले आ रहे हैं। संजीव पाल के मुताबिक उनकी मुलाकात लाजपत नगर दिल्ली निवासी राकेश थापर पुत्र आनन्द स्वरूप व अनुकम्पा भट्ट पुत्री जीवन रमण भट्ट से हुई। इन लोगों ने उन्हें बताया कि उनकी फर्म ए टू जेड वित्तीय मतभेदों को देखती है तथा समझौता कराकर काफी पैसों की बचत करा देती है। वह उनकी लच्छेदार बातो में आ गये और उनसे बैंक ऋण व ब्याज के बारे में बात की। 24 मई 2023 को वह अपने साथ अनिल कुमार डाबर व मनीष श्रीवास्तव को लेकर राकेश थापर के लाजपत नगर दिल्ली स्थित ऑफिस गया और बैंक लोन के 9 करोड़ 88 लाख रुपये के बारे में बताया, जिस पर राकेश थापर ने उक्त लोन को 6 करोड़ 50 लाख रूपये में निपटाने की बात की।
राकेश थापर ने संजीव पाल को बताया कि इसमें से 4 करोड़ 19 लाख रुपये बैंक में जमा होंगे तथा 2 करोड़ 31 लाख रुपये अपनी कंसलटेंसी की फीस तय की। जिसके बाद राकेश थापर के कहने पर 27,31,750 रुपये का बैंक ड्राफ्ट पंजाब नेशनल बैंक काशीपुर, 5,62,750 रुपये का दूसरा तथा 25,78,750 रुपये पंजाब नेशनल बैंक शाखा काशीपुर, तीनों फर्मों के नाम पंजाब नैशनल बैंक नई दिल्ली के बनवाकर दे दिये। 01 जून 2023 को 1 करोड़ रूपये नकद राकेश थापर के दिल्ली ऑफिस में राकेश थापर और अनुकम्पा भट्ट को दे दिये। इसके बाद 50 लाख रुपये अनिल डाबर से लेकर राकेश थापर और अनुकम्पा भट्ट को दे दिये। संजीव पाल के अनुसार 02 अगस्त 2023 उन्होंने बैंक का एक फर्जी पत्र कि बैंक लोन सेटलमेन्ट पर राजी है, उपलब्ध करवाया और 08 जून 2023 को बैंक कम्प्यूटर स्क्रीन शॉट की प्रति उन्हें भेजी कि आपका लोन सेटलमेन्ट हो गया है। 09 जून 2023 को तीनों बैंक ड्राफ्टों की प्राप्ति की रसीद दी कि आपके ड्राफ्ट बैंक में जमा हो गये हैं, फिर 13 जून 2023 को एक पत्र भेजा कि आपका लोन सेटलमेन्ट हो गया है, आपको बाकी रकम 02 सितम्बर 2023 को पंजाब नैशनल बैंक को अदा करनी है। 20 जून 2023 को बैंक खाते की डिटेल भेजी कि इन खातों के तीन ड्राफ्ट और बनवा दो।
संजीव पाल का कहना है कि उन्होंने 07 जुलाई 2023 को 27,64,420 रुपये का ड्राफ्ट, 57,48,868 रुपये का ड्राफ्ट व 25,14,036 रुपये का ड्राफ्ट बनवाकर दे दिये। जिसके बाद थापर ने कहा कि आपके बैंक से सेटलमेन्ट हो चुका है, मैं शीघ्र ही आपका कार्य करवा दूंगा, परन्तु आप बैंक में नहीं जायेंगे।
संजीव पाल के मुताबिक 27 सितम्बर 2023 को थापर ने अपनी सहयोगी अनुकम्पा भट्ट को काशीपुर भेजा, जिसने
पंजाब नेशनल बैंक के बाहर रेस्टोरेन्ट पर बुलाया कि आप
हमारी बाकी फीस के 81,00,000 रुपये नकद दे दो तो मैं
आपका बैंक से फाइनल एग्रीमेन्ट करा देती हूं। उन्होंने अनिल डाबर और मनीष श्रीवास्तव को अनुकम्पा भट्ट से मिलने के लिये भेजा जहां शक होने पर बैंक से वार्ता करने पर पता चला कि इन लोगों ने उनके साथ ठगी की है। बैंक के समस्त प्रपत्र फर्जी हैं और राकेश थापर व अनुकम्पा भट्ट ने जालसाजी कर उनसे एक करोड़ पचास लाख रुपये ठग लिये हैं।
जब अनिल डाबर व मनीष श्रीवास्तव ने अनुकम्पा भट्ट से रुपये वापस करने की बात कही तो तो रेस्टोरेन्ट में ही आवेश में आकर अनुकम्पा भट्ट गालीगलौच करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगी और झूठे छेड़खानी के मुकदमे में फंसाने को कहने लगी। उक्त घटना पंजाब नेशनल बैंक, माता मन्दिर रोड काशीपुर के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई, जिसमें अनुकम्पा भट्ट द्वारा की जा रही बदतमीजी को स्पष्ट देखा जा सकता है। वहीं डर के कारण अनिल डाबर व मनीष श्रीवास्तव वहां से चले आये। संजीव पाल ने राकेश थापर से इस संबंध में फोन पर बात की तो उसने अनिल डाबर व मनीष श्रीवास्तव को दिल्ली बुलवाया और कुछ समय बाद रुपया लौटाने की बात कही, लेकिन बार-
बार दिल्ली बुलाकर उनकी रकम वापिस नहीं की। संजीव पाल ने बताया कि 10 नवंबर 2023 को राकेश थापर ने उन्हें पटेल नगर, दिल्ली बुलवाया कि आप आ जाओ आपकी पेमेन्ट हो जायेगी। जब वह अनिल डाबर के साथ दिल्ली पहुंचे तो उनकी राकेश थापर और अनुकम्पा भट्ट से एक-डेढ़ घंटा बातचीत हुई, जिसमें राकेश थापर और अनुकम्पा भट्ट ने कहा कि हमारा काम इसी तरह लोगों के साथ ठगी करने का है। हमारा एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह है, जिसमें बड़े-बड़े शातिर बदमाश हैं। हमारी कई थानों में रिपोर्ट दर्ज है, परन्तु आज तक हमारा कुछ नहीं बिगड़ा। यदि बार-बार रकम का तकादा करोगे तो अपनी जान से हाथ धो बैठोगे। जिससे वह डरकर काशीपुर लौट आये। संजीव पाल की तहरीर पर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 504, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


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