सूर्पनखा नाक छेदन दृश्य पर खिलखिलाए बाल दर्शक

सितारगंज। विगत रात्रि रामलीला में लक्ष्मण द्वारा सूर्पनखा की नाक छेदन, खर-दूषण वध,सीता हरण,सवरी पर कृपा आदि प्रसंगों का मनोहारी दृश्यों के साथ मंचन किया गया। रामलीला दृश्यों के अंतराल श्रद्धालुओं को राम,सीता,लक्ष्मण के चरण स्पर्श कर धर्म लाभ प्राप्त करने का सुअवसर प्रदान किया गया। प्रथम दृश्य में पंचवट में दिखाया गया कि रावण की बहन सूर्पनखा जब वन में विचरण कर रही होती है, तो उसकी नजर राम-लक्ष्मण पर पड़ती है। और वह उनसे विवाह का प्रस्ताव रखती है। कभी राम-कभी लक्ष्मण के पास बार-बार जाने से वह दुखी हो जाती है और राम के इशारे पर लक्ष्मण उसकी नाक छेदन कर देते हैं। इस दृश्य को अति हास्यप्रद रूप में प्रस्तुत किया गया जिस कारण बाल दर्शकों की हंसी के ठहाके गूंज उठे। मंच का संचालन अमित रस्तोगी व आशीष पांडेय ने किया। मंच पर वृंदावन से आये कलाकरों के साथ रामलीला संयोजक राकेश त्यागी, शिवपाल चौहान, पवन अग्रवाल, संजय गोयल,अभिषेक जैन, बंटी कौशल, मनोज अरोरा, भीमसेन गर्ग भगवान भंडारी आदि उपस्थित रहे।

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