टीएमयू के फॉरेंसिक साइंस का शेरलॉक के संग एमओयू

टीएमयू के फॉरेंसिक साइंस का शेरलॉक के संग एमओयू

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फॉरेंसिक साइंस के छात्रों की शिक्षा, अनुसंधान, इंटर्नशिप, प्रशिक्षण और स्थानांतरण में सहयोग के लिए शेरलॉक इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस- एसआईएफएस, दिल्ली के संग एमओयू साइन हुआ। एमओयू के तहत टीएमयू फॉरेंसिक के स्टुडेंट्स एसआईएफएस में इंटर्नशिप कर सकेंगे। इंटर्नशिप में छात्रों को रीयल केसों पर कार्य करने, साइबर फ्रॉड की जांच, फिंगर प्रिट एक्सपर्ट, जाली डाक्यूमेंट की जांच आदि में अनुभव का मौका मिलेगा। इसके साथ-साथ स्टुडेंट्स को यूजीसी- नेट परीक्षा की तैयारी, सेमिनार, प्रोजेक्ट्स में भी शेरलॉक इंस्टीट्यूट मदद करेगा। टीएमयू की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा, जबकि एसआईएफएस की ओर से सीईओ डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर वीसी प्रो. वीके जैन, कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार, फैकल्टी श्री योगेश कुमार, एसआईएफएस की वैज्ञानिक अधिकारी मिस जया पाण्डेय की उल्लेखनीय मौजूदगी रही।

एमओयू में फॉरेंसिक के विभिन्न क्षेत्रों में नए संबंधों की स्थापना, अन्वेषण, दीगर एजेंसियों के साथ सहयोग और नई योजनाएं बनाने पर सहमति बनी है। वीसी प्रो. वीके जैन ने उम्मीद जताई, फॉरेंसिक साइंस के छात्रों के लिए अनुसंधान, परियोजनाएं, वित्त प्राधिकरणों की खोज, इंटर्नशिप, प्रशिक्षण और रोजगार मुहैया कराने में शेरलॉक इंस्टीट्यूट मील का पत्थर साबित होगा। एमओयू से पूर्व स्टुडेंट्स के संग हुई एक्सपर्ट टॉक में डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने आश्वस्त किया, फॉरेंसिक के विभिन्न नए क्षेत्रों, सतत विकास, शिक्षा के पैटर्न और करियर के नए क्षेत्रों में टीएमयू के संग मिलकर काम करेंगे। उल्लेखनीय है, दिल्ली से संचालित शेरलॉक इंस्टीट्यूट के देश भर में 26 सेंटर हैं। साथ ही चार दर्जन से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एमओयू भी साइन हैं। लेक्चर में प्रश्न-उत्तर सत्र भी हुआ। इस अवसर पर एमएलटी की एचओडी डॉ. रूचि कांत, फॉरेंसिक के एचओडी श्री रवि कुमार, श्री आकाश चौहान, श्रीमती अंशिका श्रीवास्तव, श्रीमती अपूर्वा सिंह, श्रीमती सौम्या त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

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