



धर्मांतरण, अवैध नशा और अतिक्रमण पर सख्त हुए डीएम नितिन सिंह भदौरिया
शांति एवं कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, अवैध धार्मिक संरचनाओं पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय में शांति एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद की कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द, अपराध नियंत्रण तथा संवेदनशील विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि धर्मांतरण, अवैध नशा, अतिक्रमण, अवैध धार्मिक संरचनाओं तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनपद में शांति व्यवस्था भंग करने वाली किसी भी गतिविधि को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि धर्मांतरण कराने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण करने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को एससी/एसटी के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। साथ ही ऐसे लोगों को चिन्हित कर जिला प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में महिला सुरक्षा, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों, चोरी, गृहभेदन, अवैध नशे के कारोबार, अवैध इंजेक्शन और मिलावटी दवाइयों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए। औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक विवादों और विभिन्न संगठनों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि औद्योगिक संस्थानों द्वारा कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित वेतन दिया जा रहा है या नहीं।
जिलाधिकारी ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2018 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि धर्मांतरण से संबंधित प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने संभावित स्थलों, भवनों एवं प्रार्थना स्थलों की नियमित निगरानी तथा उनकी वैधानिक स्थिति की जांच के निर्देश दिए। अवैध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने को कहा गया।
अवैध धार्मिक संरचनाओं के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सरकारी भूमि अथवा नियमों के विरुद्ध निर्मित किसी भी अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ निष्पक्ष और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने, भूमि विवादों के समयबद्ध निस्तारण तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। खंड विकास अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध धार्मिक संरचनाओं को चिन्हित कर प्रशासन को रिपोर्ट देने को कहा गया।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, विकास, राजस्व और समाज कल्याण विभागों के संयुक्त कैंप लगाने तथा जनसमस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर आयुक्त नगर निगम रुद्रपुर, उप जिलाधिकारी एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कल्याणी नदी में हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर नोटिस जारी करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, ताकि वर्षाकाल में शहर में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन डीएस जंगपांगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, नगर आयुक्त एवं खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

