



राज्य सरकार जनजाति के विकास के लिए कर रहे है कार्य :धामी

धर्मांतरण के नाम पर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी

नानकमत्ता में मुख्यमंत्री का पुष्प व फूलमालाओं से भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित।

नानकमत्ता सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया व बोर्ड परीक्षाओं के मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को प्रणाम कर कार्यक्रम में उपस्थित नानकमत्ता के थारू समाज के सभी परिवारजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि आज इस नानकमत्ता साहिब की पवित्र धरती पर, जहाँ गुरुओं का आशीर्वाद बरसता है, हम भारत मां के महान सपूत, अदम्य साहस और स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का स्मरण करने के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने इस आयोजन के लिए राणा परिवार और नानकमत्ता के सभी समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के राजा नहीं थे, बल्कि वे भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की ऐसी प्रेरणादायी गाथा है, जो सदियों बाद भी प्रत्येक भारतीय के मन में ऊर्जा और गर्व का संचार करती है। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हम सभी को ये प्रेरणा देता है कि राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष कितना भी कठिन क्यों न हो, हमें अपने सिद्धांतों से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति गहरा जुड़ाव हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। आप सभी ने जिस प्रकार अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं को आज भी पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ संजोए रखा है, वो इस आधुनिक युग में हम सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और समग्र विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक पहलें प्रारंभ की गई हैं। प्रधानमंत्री का ये स्पष्ट दृष्टिकोण है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचना ही सच्चे अर्थों में सुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए आज पहली बार देश में जनजातीय समुदायों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन तथा कृषि और पशुपालन से जुड़ी अनेकों योजनाएँ प्रभावी रूप से लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में हमारी राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा जहां एक ओर अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है। वहीं, घर बनाने की लागत में भी बढ़ोतरी की है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि हमने उधम सिंह नगर में ही इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भी बडी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ मिला है। इस वर्ष आए आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय समाज से हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत उधम सिंह नगर में पहले और दूसरे चरण में सैकड़ों घरों का निर्माण भी पूरा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में भी जनजातीय समाज को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास हेतु करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे जनजाति समाज के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा इन आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमने खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्कूल और छात्रावास का निर्माण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बन रहा है। वहीं, थारू राजकीय इंटर कॉलेज में 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान का सौंदर्गीकरण, ऑडिटोरियम का आधुनिकीकरण और भवन की मरम्मत का काम भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा जनजातीय समाज की माताओं और बहनों के सशक्तिकरण के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। हम जनजातीय समाज की महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता देकर उनके छोटे-छोटे रोजगारों को आगे बढ़ाने का काम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा आज जहां एक ओर विधानसभा सितारगंज में थारू विकास भवन का निर्माण किया जा रहा है, वहीं समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 2 करोड़ रुपए से अधिक स्वीकृत किए गए हैं। हमारी सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि मुझे ये बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि उधम सिंह नगर जनपद में सबसे ज्यादा परिवारों को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। इसके साथ-साथ, जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य के चार जनपदों, ऊधमसिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय क्षेत्रों के विकास को तेज करने के लिए अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की भी नियुक्ति की है। साथ ही, जनजातीय युवक-युवतियों को यूपीएससी, पीसीएस, आईआईटी और जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी के लिए देहरादून में “आदि लक्ष्य संस्थान” की स्थापना भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केवल कागजों पर योजनाएं नहीं बनाती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक बदलाव लाने का काम भी करती है। हमारा स्पष्ट विजन है कि प्रत्येक जनजातीय परिवार की आँखों में आत्मसम्मान की चमक हो, उनके बच्चों के हाथों में उच्च शिक्षा की मशाल हो, युवाओं के पास रोजगार के अवसर हों और हमारा प्रत्येक सीमांत गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय समाज को वो सम्मान दिया जिसके आप हकदार थे। आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर द्रौपदी मुर्मू का बैठना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भाजपा के लिए जनजातीय समाज “वोट बैंक” नहीं, बल्कि “देश का गौरव’ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ही पहली बार भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि आपकी अपनी डबल इंजन सरकार जो आपके बच्चों के हाथ में किताब और युवाओं के हाथ में रोजगार देने के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हमें सिखाता है कि अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपने स्वाभिमान के लिए कैसे लड़ा जाता है। और धर्मांतरण जैसी चुनौतियों के विरुद्ध समाज की सांस्कृतिक पहचान और स्वाभिमान की कैसे रक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें ये प्रेरणा मिलती है कि चाहे कुछ भी हो जाए पर अपने धर्म और स्वाभिमान के साथ कभी समझौता नहीं करना है।उन्होंने घास की रोटी खाना स्वीकार किया, जंगलों में भटकना स्वीकार किया, लेकिन मुगलों के आगे घुटने नहीं टेके। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से ये सुनने में आ रहा है कि तराई के इस शांत क्षेत्र में धर्मातरण का गंदा खेल खेला जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राष्ट्रविरोधी और समाजविरोधी ताकतें हमारी भोली भाली जनता और थारू समाज की मासूमियत का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज मैं, इस मंच से उन सभी अधर्मियों को कड़ी चेतावनी देना चाहता हूं और कहना चाहता हूं कि कान खोलकर सुन लो। ये हमारी “देवभूमि” है, यहाँ अधर्म और छल का खेल नहीं चलेगा। हमारी संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की तो परिणाम बहुत घातक होंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अनैतिक कार्यों को रोकने के लिए हमारी सरकार ने देश का सबसे कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया है, ताकि कोई भी आपकी आस्था के साथ खिलवाड़ न कर सके। इसके साथ साथ हमने स्पष्ट किया है कि देवभूमि में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी दूषित और मुल्लावादी मानसिकताओं के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ये स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। नानकमत्ता हो या प्रदेश का कोई भी कोना, जहाँ भी धर्मांतरण की शिकायत मिलेगी वहाँ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जो लोग हमारी भोली भाली जनता को बहलाने का काम कर रहे हैं, उनके लिए देवभूमि में कोई जगह नहीं है। उनकी जगह केवल और केवल सलाखों के पीछे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार महाराणा प्रताप ने कभी अपने धर्म और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया, उसी प्रकार आपको भी इन धर्मांतरण करने वालों से सावधान रहना है। उन्होंने कहा कि आपको इस संबंध में कोई भी परेशान करे तो आप लोग सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ भाजपा और राष्ट्रवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। आपकी हर समस्या का समाधान करना मेरा कर्तव्य भी है और वादा भी। उन्होंने कहा कि मैं, आप सभी को ये विश्वास दिलाता हूँ कि हमारे रहते हुए कोई भी ताकत आप लोगों की संस्कृति और परंपराओं पर टेढ़ी नजर उठाकर नहीं देख पाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की प्राचीन विरासत, संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, और आप सभी के समग्र विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के सहयोग और आशीर्वाद से हम अपने इस “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने में अवश्य सफल रहेंगे।
कार्यक्रम संयोजक पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में सभी अतिथियों व जनता का स्वागत व अभिनंदन किया।उन्होंने कहा महाराणा प्रताप एक वीर व कुशल प्रशासक थे। उन्होंने पुरानी घोषणा कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण कराने के साथ ही नानकमत्ता उप तहसील को पूर्ण तहसील बनाने तथा नानकमत्ता नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने का अनुरोध किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था
टेककर प्रदेश के सुख समृद्धि और शान्ति की कामना की।
कार्यक्रम में विधायक रूद्रपुर शिव अरोरा,जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा,जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल,नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, खटीमा रमेश चंद्र जोशी,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू,फरजाना बेगम, रवींद्र सिंह राणा,ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा,नंदन सिंह खड़ायत,जीवन सिंह राणा, रमेश चंद्र जोशी, भास्कर सम्भल,संगीता राणा, रविंद्र राणा,पुष्पेंद्र राणा, ओम नारायण,गोपाल दत्त जोशी,धर्म सिंह,राजपाल सिंह,बलदेव सिंह, रंजीत सिंह, दारा सिंह,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल,उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,गौरव पांडे,हिमांशु काफ़लतिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि व जनता मौजूद थे।

