



पढ़िए.. हाई कोर्ट शिफ्टिंग के विरोध में अधिवक्ताओं के आंदोलन ने जोर पकड़ा
सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी
नैनीताल। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ के तत्वाधान में सोमवार को बार सभागार में हई अधिवक्ताओं की बैठक में नैनीताल से हाईकोर्ट हल्द्वानी शिफ्टिंग के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई । बैठक में बताया गया कि आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी कर ली है साथ ही राज्य सरकार द्वारा हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र की रिजर्व फॉरेस्ट की भूमि को हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के खिलाफ कानूनी लड़ाई लडने की तैयारी की है। इसके अलावा राज्य पुनर्गठन विधेयक, जिसमें की हाईकोर्ट की प्रधान पीठ नैनीताल में स्थापित करने का उल्लेख है, को बिना राष्ट्पति की मंजूरी के क्या अन्यत्र शिफ्ट किया जा सकता है ? जैसे मूद्दों पर गहन चर्चा हुई ।राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ ने कहा कि यह महज पहाड़ से हाईकोर्ट मैदान में शिफ्ट करने का मुद्दा नहीं वरन पर्वतीय प्रदेश की मूल अवधारणा से जूड़ा प्रश्न है । वक्ताओं ने कहा कि यदि सारे मुख्य संस्थान मैदान में ही स्थापित होने हैं तो पर्वतीय राज्य का क्या औचित्य है ।
राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रमन शाह के नेतृत्व में हुई इस बैठक में पूर्व सांसद डॉ.महेंद्र पाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता व प्रमूख राज्य आंदोलनकारी अवतार सिंह रावत,पुष्पा जोशी,त्रिभूवन फर्त्याल, एम सी पंत,दुर्गा सिंह मेहता, प्रेम सिंह सौन,पूर्व मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह रावत.कौशलसाहजगाती,नवनीश नेगी,भूवनेश जोशी,योगेश पचौलिया, कार्तिक हरि गुप्ता,सूरज पांडे,एम एस भंडारी,राजीव पाठक,बी एस कोरंगा,सुभाष गुप्ता,कौशल पांडे,अम्बजीत चड्ढा,शिवानंद भट,अभिषेक वर्मा,कैलाश चंद्र तिवारी,पी एस बिष्ट,रवि बिष्ट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।

