मध्य प्रदेश: सीहोर में 31.48 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण, कलेक्टर ने CM को सौंपी रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी वन क्षेत्र में आदिवासी परिवारों की झोपड़ियां हटाने के मामले में कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार, भैरूंदा तहसील के लाड़कुई परिक्षेत्र की कोसमी बीट में वन विकास निगम की 31.48 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। जांच में दावा किया गया है कि वन भूमि पर लगाए गए सागौन के पौधों को नुकसान पहुंचाकर वहां अस्थायी झोपड़ियां बनाई गई थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में 186.960 हेक्टेयर वन भूमि वन विकास निगम को हस्तांतरित की गई थी। वर्ष 2021 में इसके 135 हेक्टेयर क्षेत्र में 3,37,500 सागौन के पौधे लगाए गए थे। जांच में बताया गया कि इनमें से 78,700 पौधे काटकर 31.48 हेक्टेयर जमीन पर खेती और झोपड़ियां बनाने के लिए कब्जा किया गया। गूगल अर्थ की टाइमलाइन तस्वीरों के आधार पर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2021 में क्षेत्र खाली था, जबकि 2022 में वहां अतिक्रमण दिखाई देने लगा।
कलेक्टर की रिपोर्ट के अनुसार, 11 अक्टूबर को की गई कार्रवाई में नौ झोपड़ियां हटाई गईं और एक अवैध कुएं को मिट्टी-मुरम से भर दिया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हटाए गए कब्जाधारियों के सिंहपुर और हबीबनगर में पक्के मकान तथा मतदाता पहचान पत्र दर्ज हैं। इस मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह प्रभावित परिवारों के धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए थे। कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को लेकर विवाद के बीच अब शासन स्तर पर जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।





