बिहार: 10 डिसमिल जमीन से 90 हजार रुपये तक कमाई, महिला किसानों के लिए बहुस्तरीय खेती बनी उम्मीद
बिहार के किशनगंज जिले में कम जमीन से अधिक आमदनी हासिल करने के लिए बहुस्तरीय खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदान संस्था और जिला कृषि कार्यालय के सहयोग से सीमावर्ती क्षेत्र की 29 पंचायतों की 500 महिलाओं को इस पद्धति से जोड़ने की पहल की गई है। इसके तहत महिला किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग कर अपनी आमदनी बढ़ा सकें।
बहुस्तरीय खेती में एक ही खेत में अलग-अलग स्तरों पर कई फसलें उगाई जाती हैं। इसके तहत जमीन के अंदर अदरक और हल्दी, सतह पर हरी सब्जियां, बांस और तार के सहारे लौकी व खीरा जैसी बेल वाली फसलें तथा खेत की मेड़ पर पपीता और सहजन लगाए जा सकते हैं। इससे सीमित भूमि में कई तरह की फसलों का उत्पादन संभव होता है और किसानों को आमदनी के अलग-अलग स्रोत मिलते हैं। किसी एक फसल की कीमत गिरने या उत्पादन प्रभावित होने पर दूसरी फसलें सहारा बन सकती हैं।
तैयार मॉडल के अनुसार, 10 डिसमिल जमीन पर खरीफ मौसम में 45 से 50 हजार रुपये और रबी मौसम में 35 से 40 हजार रुपये तक कमाई का अनुमान है। इस तरह सालाना कुल कमाई 80 से 90 हजार रुपये तक हो सकती है। हालांकि, वास्तविक आमदनी फसल के उत्पादन, बाजार भाव और खेती की लागत पर निर्भर करेगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को खेती के नए अवसर उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।





