उत्तर प्रदेश: एमएलसी चुनाव में शिक्षक संघों की पकड़ कमजोर, भाजपा-सपा का दबदबा
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में शिक्षक संगठनों का प्रभाव कमजोर होता नजर आया है। छह शिक्षक एमएलसी सीटों में से चार पर भाजपा और दो पर सपा ने जीत दर्ज की। इस बार किसी भी सीट पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधि जीत हासिल नहीं कर सका।
शिक्षक राजनीति में लंबे समय तक माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट का दबदबा रहा। दिवंगत ओमप्रकाश शर्मा 1972 से मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार आठ बार विधान परिषद पहुंचे थे। वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने उन्हें हराया था। इस बार के नतीजों ने शिक्षक संगठनों के सामने अपनी पुरानी राजनीतिक ताकत बनाए रखने की चुनौती और बढ़ा दी है।
शिक्षक संगठनों के भीतर गुटबाजी और राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता को इस बदलाव की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुरानी पेंशन, वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का मानदेय और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दे अब भी अहम हैं। चुनाव परिणामों के बाद शिक्षक संगठनों के सामने एकजुटता मजबूत करने और शिक्षकों के बीच अपना भरोसा कायम रखने की चुनौती है।




