2036 ओलंपिक की तैयारी पर जोर, यूपी को स्कूली खेलों में देश के टॉप-3 राज्यों में लाने का लक्ष्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2036 में प्रस्तावित ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए स्कूली खेलों को नई दिशा देने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को स्कूली खेलों के क्षेत्र में देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य तय करते हुए खेल संघों से अभी से ठोस कार्ययोजना बनाने का आह्वान किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के अध्यक्ष एवं कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। हाल ही में सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन (आईएसएफ) के चुनाव में दीपक कुमार कार्यकारिणी सदस्य चुने गए हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं में भारत की बढ़ती भागीदारी से खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संगठनों को वैश्विक स्तर का अनुभव मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2036 तक उत्तर प्रदेश को स्कूली खेलों में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कबड्डी और योग जैसे पारंपरिक भारतीय खेलों को ओलंपिक में शामिल कराने के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय प्रयास करने की आवश्यकता बताई।
दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि भारत ने पहली बार आईएसएफ अंडर-15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2025 में बालक वर्ग का कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत 120 से अधिक शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और प्रशिक्षकों को प्रमाणित किया गया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत को वर्ष 2027 में दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं—आईएसएफ वर्ल्ड स्कूल कुश्ती चैंपियनशिप और आईएसएफ वर्ल्ड स्कूल बैडमिंटन चैंपियनशिप—की मेजबानी मिली है। दोनों प्रतियोगिताएं दिल्ली में आयोजित होंगी, जिनमें 35 से अधिक देशों के करीब 1,100 खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा लेंगे।
बैठक के दौरान माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव एवं एसजीएफआई की कार्यकारिणी के सदस्य भगवती सिंह भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भागीदारी और बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी से देश और उत्तर प्रदेश में स्कूली खेलों के विकास को नई गति मिलेगी।




