भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) ने जरूरतमंद छात्रों के लिए कई संस्थानों को दी पुस्तकें

काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान काशीपुर, जिसे आईआईएम काशीपुर के नाम से भी जाना जाता है। ये एक सार्वजनिक बिजनेस स्कूल है । यह उन तेरह भारतीय प्रबंधन संस्थानों में से एक है जिसे सरकार ने ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान स्थापित किया है। संस्थान की आधारशिला 29 अप्रैल 2011 को रखी गई थी। इस संस्थान में छात्र-छात्राओं को बिजनेस नॉलेज व एजुकेशन प्रदान करने के साथ ही समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। इसी क्रम में आज एक कार्यक्रम का आयोजन कर लाईब्रेरी में रखी तमाम पुस्तकें इस उद्देश्य के साथ काशीपुर के एससी गुड़िया आईएमटी एंड लॉ कालेज, श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, रुद्रपुर के आईएमईसी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट तथा हल्द्वानी के पाल कालेज को प्रदान की गईं कि जरूरतमंद छात्र इनका उपयोग कर सकें। आईएमईसी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, रुद्रपुर के भगवान सिंह मोशाल ने इसे सराहनीय बताते हुए कहा कि वे अपेक्षा करते हैं नॉलेज शेयर के लिए आईआईएम काशीपुर आसपास के संस्थानों के विद्यार्थियों को भी सेमिनार इत्यादि में आमंत्रित करेगा। श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, काशीपुर के डायरेक्टर योगराज सिंह ने कहा कि आईआईएम काशीपुर द्वारा उठाये गये इस कदम की जितनी भी सराहना की जाये, कम होगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को पुस्तकें मिलने से उनमें शिक्षा के प्रति ललक और बढ़ेगी। वहीं, आईआईएम के प्रोफेसर आसिफ ने कहा कि छात्र-छात्राओं द्वारा पुस्तकें डोनेट करने के उपरांत इनकी उपयोगिता पर विचार कर इन्हें अन्य संस्थानों को प्रदान किये जाने पर सहमति बनी। आज कार्यक्रम आयोजित कर करीब चार हजार पुस्तकें काशीपुर, रुद्रपुर व हल्द्वानी के संस्थानों के प्रतिनिधियों के सुपुर्द कर दी गईं। कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर के डायरेक्टर प्रो. कुलभूषण बलूनी समेत अन्य प्रोफेसर छात्र-छात्राएं एवं स्टाफ मौजूद रहा।

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