लक्ष्मण ने काटे सरूपनखा के नाक और कान,खर दूषण का हुआ वध*

*लक्ष्मण ने काटे सरूपनखा के नाक और कान,खर दूषण का हुआ वध*

*रावण मारीच का हुआ संवाद,आज मारीच बनेगा मृग,सीता का होगा हरण*

 

श्री शिव नाटक क्लब द्वारा आयोजित रामलीला मंचन के आठवें दिन लीला का *शुभारंभ वसुंधरा ग्रुप के एम डी उज्ज्वल गगनेजा एवं पंजाबी महासभा के जिलाध्यक्ष पंकज बांगा द्वारा परिवार सहित संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया,उनके साथ संस्कार भारती महानगर रुद्रपुर इकाई के अध्यक्ष हरवीर चौधरी,महामंत्री एडवोकेट नरेंद्र बंसल,कैलाश अग्रवाल जी,प्रदीप अग्रवाल जी,खरेतीलाल गगनेजा, महक गगनेजा,ओम प्रकाश बांगा,नेहा बांगा,अर्चना बांगा, प्रियंका बांगा,मन्नत बांगा,सोनू खुराना, रुद्राक्ष शुक्ला भी उपस्थित थे*

 

पंकज बांगा ने अपने अपने संबोधन में कहा कि रामलीला का मंचन इसलिए होता है कि हमारी संस्कृति और विरासत हम अपने आने वाली पीढ़ी को बता सकें और ये हमारी परम्पराएँ ऐसी ही आगे साल दर साल चलती रहें, उन्होने श्री शिव नाटक क्लब को इस भव्य आयोजन हेतु बधाई प्रेषित की व्हायन किया एवं राम भक्तों से प्रभु श्री राम जी के आदर्शों पर चलने का अनुरोध किया

उज्ज्वल गगनेजा जी ने भी सभी राम भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुँच कर रामलीला का अवलोकन करने का अनुरोध किया

 

श्री शिव नाटक क्लब के पदाधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों को अंग वस्त्र पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया

 

रामलीला मंच में दिखाया गया कि किस प्रकार प्रभु श्री राम चित्रकूट छोड़कर पंचवटी में पहुंचते हैं और वहां सरूपनखा का प्रवेश होता है और वह राम लक्ष्मण को रिझाने का प्रयास करती है अपने प्रयास में कामयाब न होने पर वह सीता पर हमलावर होती है उसकी सुरक्षा के लिए लक्ष्मण जी सरूपनखा के नाक और कान काट देते हैं सूर्पनखा वहां से चलकर अपने भाई खर और दूषण के पास पहुंचती है खर दूषण प्रभु श्री राम जी के पास युद्ध के लिए जाते हैं भीषण युद्ध होता है खर दूषण मारे जाते हैं, सरूपनखा वहां से चलकर रावण के पास पहुंचती है रावण स्वप्न में देखता है कि विष्णु ने धरती पर अवतार लिया है तो मैं अपने श्राप का अंत करने के लिए सीता का हरण करता हूं जिससे मेरे दूसरे श्राप का अंत होगा और मेरा उद्धार होगा अंत में रावण मारीच के पास पहुंचता है और उसको सीता को हरने के लिए अपना साथी बनाने का अनुरोध करता है मारीच इसके लिए तैयार हो जाता है और रावण को स्वर्ण म्रग बनने का आश्वासन देता है,श्री रामलीला मंचन में सरूपनखा की भूमिका गर्व गुलाटी, राम अभिनव अनेजा,लक्ष्मण रवि कक्कड़,सीता नैतिक तनेजा,खर विजय परुथी,दूषण नमन कक्कड़,रावण अंशुल गुलाटी, मंत्री भारत हुड़िया,पंकज कालरा एवं मारीच की भूमिका नरेश घई ने निभाई,*मंच संचालन जॉली कक्कड़ द्वारा किया गया*

 

आज के मंचन में सीता हरण, राम विलाप ,जटायु वध ,शबरी से भेंट एवं राम सुग्रीव मित्रता तक की लीला का मंचन किया जाएगा

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