



PM आवास मार्च से पहले AAP मुख्यालय पर पुलिस का घेरा, ई-20 विरोध प्रदर्शन को नहीं मिली अनुमति
सबहेडिंग:
दिल्ली पुलिस ने धारा 163 का हवाला देकर रोका मार्च, अरविंद केजरीवाल बोले- दो लाख लोगों की याचिका प्रधानमंत्री को सौंपने जा रहे थे
नई दिल्ली:
ई-20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक प्रस्तावित मार्च से पहले मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय की घेराबंदी कर दी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए, जबकि फिरोजशाह रोड पर यातायात भी रोक दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने इस मार्च के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली थी। इसी वजह से प्रधानमंत्री आवास की ओर जाने वाले प्रस्तावित मार्च को अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी जुलूस या मार्च की अनुमति नहीं है।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक दिन पहले इस मार्च का ऐलान किया था। उनका कहना था कि ई-20 पेट्रोल के विरोध में दो लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जाएगी। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका से एथेनॉल आयात बढ़ाने के लिए ई-20 ईंधन को बढ़ावा दे रही है, जिससे कई वाहनों में तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। इससे पहले केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुलाकात का समय भी मांगा था। उन्होंने मांग की थी कि ई-20 के साथ-साथ शुद्ध पेट्रोल भी उपभोक्ताओं को कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोगों के पास विकल्प मौजूद रहे।
वहीं, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने AAP के विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अनुमति मार्च की घोषणा कर बाद में पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाना आम आदमी पार्टी की पुरानी रणनीति रही है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी तरह के मार्च या जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी।

