रुद्रपुर की रामलीला में राम-केवट संवाद ने मोहा मन, दशरथ के विलाप से भावुक हुए दर्शक

रुद्रपुर की रामलीला में राम-केवट संवाद ने मोहा मन, दशरथ के विलाप से भावुक हुए दर्शक

 

रुद्रपुर।

 

नगर के प्रमुख बस अड्डे वाली श्रीरामलीला में सुमंत की अयोध्या वापसी, निषादराज गुह से श्रीराम की भेंट, राम-केवट संवाद और राजा दशरथ के मरण तक की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी डॉ. मदन लाल बठला, सुदेश बठला, डॉ. नीतिक बठला, डॉ. मनप्रीत आनंद बठला सहित बठला परिवार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। श्रीरामलीला कमेटी ने अतिथियों का माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर और हनुमान जी की गदा का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

 

वनवास पर निकले श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण से बिछड़कर अयोध्या लौटे सुमंत की व्यथा ने दर्शकों को भावुक किया। इसके बाद निषादराज गुह और श्रीराम की भेंट ने मित्रता, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। राम-केवट संवाद में केवट की निष्कपट भक्ति और श्रीराम के प्रति समर्पण ने माहौल भक्तिमय कर दिया। वहीं, पुत्र वियोग में राजा दशरथ के विलाप और श्रीराम का नाम लेते हुए प्राण त्यागने के दृश्य ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।

 

राजा दशरथ की भूमिका प्रेम खुराना, केवट की अनिल तनेजा, सुमंत की सचिन आनंद, निषादराज गुह की वैभव भुड्डी, श्रीराम की मनोज अरोड़ा, लक्ष्मण की गौरव जग्गा और सीता की भूमिका दीपक अग्रवाल ने निभाई। संपूर्ण मंचन में अभिनय और संवादों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

 

इस अवसर पर श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष मनोज गाबा, महामंत्री सुशील गाबा, कोषाध्यक्ष अमित गंभीर सहित कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुदीप धीर एवं विजय जग्गा ने किया।

 

संदीप धीर के संचालन के कायल हुए दर्शक

 

रुद्रपुर। नगर की प्राचीन बस स्टैंड वाली श्रीरामलीला में संदीप धीर के मंच संचालन की खूब सराहना हो रही है। स्पष्ट वाणी, सधे हुए शब्दों और प्रसंगों की प्रभावी प्रस्तुति से वह प्रत्येक दृश्य को जीवंत बना रहे हैं। उनके संचालन में भक्ति, भाव और उत्साह का सुंदर समन्वय दर्शकों को आक

र्षित कर रहा है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement