रूस-यूक्रेन युद्ध: साइबर हमले से अलर्ट सिस्टम हैक, केमिकल रेडिएशन की फर्जी चेतावनी से मची दहशत
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में साइबर हमले का नया और खतरनाक मोर्चा खुल गया है। दोनों देशों के नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन अलर्ट सिस्टम को निशाना बनाकर बड़े साइबर हमले किए गए हैं। यूक्रेन में लोगों के मोबाइल फोन और सार्वजनिक लाउडस्पीकरों पर रासायनिक और रेडिएशन खतरे की फर्जी चेतावनियां प्रसारित की गईं, जिससे नागरिकों में दहशत फैल गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के एयर रेड अलर्ट सिस्टम में सेंध लगाकर देशभर में झूठे संदेश भेजे गए। कीव की सड़कों पर लगे लाउडस्पीकरों से भी भ्रामक घोषणाएं की गईं। यूक्रेन की वायु सेना के प्रवक्ता यूरी इग्नात ने अलर्ट ऐप के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि देश में रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने नागरिकों से घबराने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।
वहीं, रूस के आपातकालीन मंत्रालय के आधिकारिक मोबाइल ऐप को भी निशाना बनाया गया है। इसमें सेंध लगाकर नागरिकों के बीच झूठी सूचनाएं फैलाने की बात सामने आई है। युद्ध के बीच इस तरह के साइबर हमले नागरिकों में भ्रम और भय पैदा करने के साथ आपातकालीन व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए भी बड़ी चुनौती बन रहे हैं।




