आजादी के 77 साल बाद ही क्यों मायूस है शहीद भगत सिंह का परिवार,

आजादी के 77 साल बाद ही क्यों मायूस है शहीद भगत सिंह का परिवार,

मानवाधिकार सुरक्षा एवं अपराध निरोधक संगठन ने की परिवार से मुलाकात , आजादी के महोत्सव पर रुद्रपुर के नगर निगम सभागार में होने जा रहे कार्यक्रम ” एक शाम शहीदों के नाम ” में पहुंचने के लिए दिया निमंत्रण। रुद्रपुर- पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी रुद्रपुर के नगर निगम सभागार में मानवाधिकार सुरक्षा एवं अपराध निरोधक संगठन के द्वारा ” एक शाम शहीदों के नाम ” कार्यक्रम रुद्रपुर के नगर निगम सभागार में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें जिले भर के शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम में डीएम उदयराज सिंह, एसएसपी मंजूनाथ , संरक्षक दिवाकर पांडे ,सैकडों वीरांगनाएं ,पूर्व सैनिक, और अतिथि सहित संस्था के सभी पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहेगे। इसी सिलसिले में सोमवार को संस्था ने आजादी के बाद तराई को आवाद करने में योगदान देने वाले शहीद भगत सिंह के छोटे भाई राजेंद्र सिंह के परिवार से मुलाकात की और उनको इस कार्यक्रम में पहुंचने का निमंत्रण दिया। संस्था के सदस्यों ने परिवार के लोगों से मिलकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस किया और परिवार की परिस्तिथियों की गंभीरता को समझा । आजादी के 77 साल बाद भी शहीद ए आजम भगत सिंह को शहीद का दर्जा न मिलने का दुख प्रकट किया साथ ही सरकार के बेरुख रवैये से मायूसी जाहिर की। इस मौके पर जिला अध्यक्ष निरवैर सिंह,कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह,नगर अध्यक्ष राजेश पुंशी निर्मलजीत सिंह, उपदेश सक्सेना, एस सी शर्मा आदि लोग साथ में थे।

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