



सितारगंज में 13 वर्षीय नाबालिग दो माह से लापता, बरामदगी न होने पर आशा वर्कर्स यूनियन ने जताया आक्रोश
**सितारगंज।** करीब दो माह से लापता 13 वर्षीय नाबालिग बालिका की बरामदगी न होने पर ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। शुक्रवार को यूनियन पदाधिकारियों ने नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी को पटवारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर बालिका की जल्द सकुशल बरामदगी की मांग की।
ज्ञापन के अनुसार, 6/7 जुलाई 2026 को सितारगंज से 13 वर्षीय बालिका लापता हो गई थी। बालिका की मां ने 7 जुलाई को सितारगंज थाने में इसकी तहरीर दी थी। यूनियन का दावा है कि पुलिस की प्राथमिक जांच में सितारगंज के एक रेस्टोरेंट में काम करने वाले करीब 30 वर्षीय युवक सागर का नाम सामने आया, जिस पर बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया गया है।
यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि घटना को दो माह बीत जाने के बावजूद पुलिस बालिका को बरामद नहीं कर सकी है। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए नाबालिग की सकुशल बरामदगी के साथ आरोपी की तलाश और प्रकरण की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि बालिका की मां ने एसएसपी ऊधम सिंह नगर के समक्ष भी बेटी की बरामदगी की गुहार लगाई थी। इसके बाद उन्हें थाने बुलाकर पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर डांट-फटकार की गई और असंवेदनशील व्यवहार किया गया।
बालिका की मां स्वास्थ्य विभाग में आशा वर्कर के रूप में कार्यरत हैं। बेटी के लंबे समय से लापता होने के कारण वह लगातार मानसिक परेशानी से गुजर रही हैं और उसकी सकुशल वापसी की उम्मीद में पुलिस थाने के चक्कर लगा रही हैं।
आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने उपजिलाधिकारी से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देने और नाबालिग को जल्द से जल्द बरामद कराने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में ऐक्टू जिला सचिव अनिता अन्ना, भाकपा माले के जिला सचिव ललित मटियाली, आइसा के राज्य सचिव धीरज कुमार, किसान सभा लोकतंत्र के जिला संयोजक जगीर सिंह सहित आशा वर्कर्स और अन्य लोग मौजूद रहे।

