बिहार में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के पंजीकरण की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत एक साल बाद जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की लिखित मंजूरी जरूरी होगी। यह बदलाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए किया गया है।

बिहार में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के पंजीकरण की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत एक साल बाद जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की लिखित मंजूरी जरूरी होगी। यह बदलाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए किया गया है।

नए प्रावधानों के अनुसार घटना के एक साल बाद लेकिन दो साल के भीतर पंजीकरण के लिए संबंधित अधिकारी सत्यापन करेंगे और निर्धारित शुल्क जमा कराने के बाद अनुमति देंगे। वहीं दो साल से अधिक देरी होने पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही जन्म या मृत्यु का पंजीकरण किया जा सकेगा।

नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुके हैं। नगर निगम और प्रखंड कार्यालयों को भी संशोधित प्रक्रिया के अनुसार ही आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। जन्म प्रमाण पत्र कई सरकारी योजनाओं और दस्तावेजी प्रक्रियाओं के लिए

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