मध्य प्रदेश: ग्वालियर के मदरसे से 22 बच्चे मुक्त, जांच में सामने आईं कमियां
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दारूल कुरआन मदरसे में कार्रवाई करते हुए 4 से 16 वर्ष की उम्र के 22 बच्चों को वहां से मुक्त कराया। बाल कल्याण समिति को मदरसे में बिना मान्यता के बच्चों को रखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा ने विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
जांच के दौरान मदरसा प्रबंधन मान्यता और बच्चों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा, देखरेख और रहने की व्यवस्था में भी कमियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान तीन बच्चियां एक कमरे में बंद मिलीं। कार्रवाई के बाद छोटे बच्चों को शिशु गृह और बड़े बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार अन्य स्थानों पर भेजा गया।
मदरसे में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले यहां रहने वाला मेवाती मोहल्ले का 13 वर्षीय बालक लापता हो गया था। 15 अक्टूबर को हुई इस घटना की शिकायत पुलिस से की गई थी, हालांकि बाद में बालक मिल गया था। फिलहाल मदरसे की मान्यता, बच्चों की देखरेख और संबंधित दस्तावेजों को लेकर जांच की जा रही है।




