पराग्वे: बैंक घोटाले में राष्ट्रपति सैंटियागो पेना बर्खास्त, हाउस अरेस्ट; उपराष्ट्रपति ने संभाली सत्ता
दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे में बड़े बैंक घोटाले ने राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। सरकारी सांठगांठ के आरोपों से घिरे राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को सीनेट में महाभियोग के बाद पद से बर्खास्त कर दिया गया। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें घर में नजरबंद कर लिया गया। सीनेट के सभी 44 सांसदों ने उनके खिलाफ मतदान किया। पेना पर विश्वासघात और पद के दुरुपयोग के आरोप हैं। हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।
यह संकट देश के प्रमुख डिजिटल बैंक उएनो बैंक के बंद होने के बाद गहराया। बैंक के नियामकीय नियंत्रण में जाने से करीब 30 लाख खाताधारकों के खाते और कार्ड फ्रीज हो गए। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि पेना ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी धन और राज्य पेंशन फंड के करोड़ों डॉलर बैंक में जमा कराए, जबकि बैंक ने अपने करीबी लोगों को बिना पर्याप्त सुरक्षा के भारी कर्ज बांटे। मामले में पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख कार्लोस करवालो की गिरफ्तारी के आदेश भी जारी किए गए हैं।
पेना को हटाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति पेद्रो अलियाना ने नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। वह अगस्त 2028 तक शेष कार्यकाल पूरा करेंगे। इस बीच बैंक में जमा रकम फंसने से आम नागरिकों, पेंशनभोगियों और दिहाड़ी मजदूरों में नाराजगी है। राजधानी में प्रदर्शन हुए और पुलिस के साथ झड़पों की खबरें सामने आई हैं। अभियोजकों ने बैंक के मुख्य शेयरधारक मिगुएल वाज्केज समेत 27 लोगों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। सरकार और केंद्रीय बैंक के सामने अब जमाकर्ताओं की रकम लौटाने तथा बैंकिंग व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की बड़ी चुनौती है।




