बांग्लादेश: दिसंबर में लौटेंगी शेख हसीना, गिरफ्तारी और हिंसा का भी नहीं डर
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर 2026 में अपने देश लौटने का ऐलान दोहराया है। उन्होंने कहा कि वापसी के दौरान उन्हें गिरफ्तारी, हिंसा या अत्याचार का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन राजनीतिक जिम्मेदारी के चलते वह अपने समर्थकों के बीच लौटना चाहती हैं। वाशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जोखिम के बावजूद बांग्लादेश लौटने का उनका इरादा कायम है। हालांकि, वापसी की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं। उन्होंने मुश्किल दौर में समर्थन और शरण देने के लिए भारत सरकार और यहां के लोगों का आभार जताया। साथ ही अपने परिवार के सदस्यों की 1975 में हुई हत्या और 1981 में बांग्लादेश लौटने के अपने पुराने अनुभवों का भी जिक्र किया। उनके बेटे साजीब वाजेद जॉय ने भी कहा कि वापसी की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
शेख हसीना ने बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उनके और अवामी लीग के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामलों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने स्वतंत्र न्यायपालिका, अभिव्यक्ति की आजादी और निष्पक्ष राजनीतिक प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दिया। हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की सरकार चुनने का अधिकार वहां के नागरिकों को स्वतंत्र और समावेशी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए मिलना चाहिए।




