सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में हुई महिला की मौत मामले में सीएमओ द्वारा गठित जांच टीम ने लिए पीड़ित पक्ष के बयान

काशीपुर। सिद्ध विनायक हाॅस्पिटल में सप्ताह भर पूर्व उपचार के दौरान हुई महिला की मौत मामले में सीएमओ द्वारा गठित टीम ने आज पीड़ित पक्ष को राजकीय चिकित्सालय बुलाकर बयान लिये। वहीं, शुक्रवार को मामले में आरोपी महिला चिकित्सक डा. नेहा चौहान को भी टीम बयानों के लिए तलब कर चुकी है। बीती 19 मार्च को फतेहउल्लागंज ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद (यूपी) निवासी जुनैद आलम पुत्र खलील अहमद ने प्रसव पीड़ा होने पर अपनी पत्नी साबिया नाज को डा. नेहा चौहान के नाॅर्मल डिलीवरी के आश्वासन पर उनके अस्पताल सिद्धि विनायक में भर्ती किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी पत्नी को भर्ती करने के बाद महिला चिकित्सक ने आॅपरेशन की बात कही। शिकायतकर्ता ने बताया कि गलत तरीके से आॅपरेशन करने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से उसकी पत्नी की मृत्यु हो गयी। उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि राजकीय सेवा में होने के बावजूद महिला चिकित्सक प्राईवेट प्रैक्टिस में लिप्त है। महिला चिकित्सक पर आरोप है कि वह जसपुर के राजकीय अस्पताल में पदस्थ होते हुए वहां आये रोगियों को अपने अस्पताल भेजने का काम कर रही है। फिलहाल सीएमओ द्वारा टीम गठित कर मामले की जांच करायी जा रही है। लक्ष्मण दत्त भट्ट राजकीय चिकित्सालय के सीएमएस डा. कैमाश राणा ने बताया कि पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किये गए हैं। इधर, पीड़ित पक्ष ने आज पुलिस क्षेत्राधिकारी वीर सिंह से भी मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने को लेकर आश्वस्त किया।

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