यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने हेतु गंभीर नहीं दिखी भारत सरकार: इंदु मान

काशीपुर प्रदेश संयोजक,प्रशिक्षण कमेटी उत्तराखंड कांग्रेस श्रीमती इंदू मान ने कहा कि यूक्रेन में फंसे हुए भारतीयों को सुरक्षित वापस निकालने के लिए भारत सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि सारा विश्व जानता था कि रूस यूक्रेन पर हमला करने जा रहा है ऐसे में भारत सरकार का उत्तरदायित्व था कि वहां पर रह रहे भारतीयों को प्राथमिकता से सुरक्षित अपने देश वापस लौटाया जाए जबकि ऐसा नहीं हुआ और आज पूरे भारत से हजारों भारतीय वहां पर फंसे हुए केवल देहरादून के 18 लोग वहां पर फंसे हुए हैं यह बड़ा दुखद है।

पूर्व राज्य मंत्री श्रीमती इंदु मान ने कहा कि यूक्रेन में अनेकों भारतीय फंसे हैं जो कि शिक्षा ग्रहण करने व नौकरी करने के लिए वहां पर रह रहे हैं उनको समय रहते सुरक्षित वापस बुला लेना चाहिए था परंतु ऐसा न करके भारत सरकार ने अपने ही सिर दर्दी बढ़ाई है और फंसे हुए भारतीयों के परिवार अपने प्रिय जन को देखने के लिए बुलाने के लिए सदमे एवं तनाव से ग्रसित है।
पीसीसी सदस्य श्रीमती इंदु मान यह भी कहा कि एयर इंडिया का निजीकरण होने के बाद यूक्रेन से भारत तक का किराया पच्चीस हजार से बढ़कर अस्सी हजार हो गया है जिसका भार सीधे-सीधे विदेश जाने वाले भारतीयों को वहन करना पड़ रहा है जिससे कि इस महंगाई के दौर में भारतीय नागरिकों पर और अधिक दबाव बढ़ा है।
श्रीमती इंदु मान ने कहा कि सरकार को चाहिए था इस समय रहते यूक्रेन में रह रहे भारतीयों को सुरक्षित वापस बुला लिया जाता जिससे कि सरकार एवं वहां रह रहे भारतीयों, दोनों का तनाव घटता और सभी सुरक्षित लौट आते। जिन परिवारों के प्रयोजन यूक्रेन में फंसे हैं वह बहुत ही तरह ग्रसित जीवन जी रहे हैं ऐसा लगता है कि सरकार की प्राथमिकताएं एवं नीतियां हमेशा से ही केवल सत्ता पर कायम रहने की रही है यह राष्ट्र हित में नहीं है।
श्रीमती मान ने कहा कि नाटो के संबंध में सरकार ने तटस्थ रहकर उचित क़दम उठाया है।

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