spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडवैदिक मंत्र उच्चारण के साथ पूजा सम्पन्न

वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ पूजा सम्पन्न

spot_imgspot_img
Spread the love

वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ पूजा सम्पन्न

 

दिनेशपुर। शारदीय दुर्गा पूजा दर्पण विसर्जन के साथ दशमी पूजा संपन्न हुई। इस दौरान पुरोहित ने वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ प्रतिमाओं को स्नान कराकर दशमी पूजा संपन्न कराई। वही महिलाओं ने मां को विदाई देते हुए एक दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशी का इजहार किया।

मान्यता है कि दुर्गा पूजा महोत्सव में पांच दिन के लिए देवी कैलाश छोड़कर सपरिवार पृथ्वी पर अपने मायके आती है। वहीं दशमी पूजा संपन्न होते ही वापस कैलाश चली जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। नगर के अलावा अन्य आठ स्थानों में दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया। सभी स्थानों पर दशमी पूजा संपन्न हुई। वही देर रात तक मेहमान कलाकारों और नगर के स्कूली बच्चों ने भव्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष सीमा सरकार, सोसायटी चेयरमैन रोहित मंडल, दुर्गा पूजा कमेटी अध्यक्ष मनोज राय मुन्ना, सरोज मंडल, दुलाल चक्रवर्ती, काजल राय, अशोक अग्रवाल, विकास राय, अजय कुमार, केवल पाठक, जीवन नयाल, गौतम सरकार, रवि सरकार, सुनीला मंडल, अनादि मंडल, विकास राय, विकास सरकार, आदि मौजूद थे।

उधर काली नगर में भी दुर्गा पूजा के अवसर पर दशमी पूजा संपन्न होने के साथ दर्जनों महिलाओं ने सिंदूर की होली खेली। साथ ही माता को विदाई देते हुए अगले साल के लिए सपरिवार आने का निमंत्रण भी दिया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग धार्मिक कार्यक्रम में देर रात तक जुटे रहे। इस मौके कालीनगर दुर्गा पूजा कमेटी अध्यक्ष अशोक मिस्त्री, संजय शाह, नारायण शाह, सुकुमल मंडल, विकास सर्नकार, किशोर हालदार, दीपक राय, असीस तरफदार आदि मौजूद थे।

 

 

बॉक्स

दिनेशपुर। शारदीय दुर्गा पूजा में बेहतर पुलिस व्यवस्था के लिए थानाध्यक्ष अनिल उपाध्याय और एसआई संतोष उप्रेती को दुर्गा पूजा कमेटी ने सम्मानित किया।

आपको बता दें कि देशभर में दुर्गा पूजा नवरात्रि की धूम है। तो वही नगर व ग्रामीण क्षेत्र में दुर्गा पूजा में हजारो के संख्या में भीड़ जुट रही है। इस दौरान पुलिस की बेहतर व्यवस्था के लिए उन्हें साल ओढ़कर सम्मानित किया गया। इस दौरान समृति चिन्ह भी बहुत किया। इस मौके पर सरोज मंडल, मृतुमजय सरकार, नित्त मंडल, इन्द्रजीत मंडल, राजू गईन, दुलाल चक्रवर्ती आदि मौजूद थे।

 

 

 

पान के पत्ते से मां दुर्गा के गालों को स्पर्श कर खेला जाता है सिन्दूर कि होली

 

विकास राय

 

दिनेशपुर। दुर्गा पूजा महोत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज राय ने बताया कि सिंदूर खेला बंगाली पंरपरा का खास पर्व है। मान्यता के अनुसार पंरपरा की शुरुआत करीब 450 साल पहले पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में हुई थी। शारदीय दुर्गा महोत्सव की महा दशमी तिथि पर महिलाएं मां दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी का पूजन के साथ ही सिंदूर लगाकर मां दुर्गा से सदा सुहागिन रहने का वरदान मांगती है। वही सिंदूर को सदियों से महिलाओं के सुहाग की निशानी माना गया है । मां दुर्गा को सिंदूर लगाने का बड़ा महत्व है । सिंदूर को मां दुर्गा के शादीशुदा होने का प्रतीक माना जाता है । यही कारण है कि दशमी वाले दिन सभी बंगाली महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर लगाती हैं , जिसे ‘ सिंदूर खेला ‘ कहा जाता है । पान के पत्ते से मां दुर्गा के गालों को स्पर्श किया जाता है। और फिर उनकी मांग व माथे पर सिंदूर लगाया जाता है । इसके बाद मां को मिठाई खिलाकर भोग लगता है । साथ ही सभी महिलाएं एक – दूसरे को सिंदूर लगाकर सदा सुहागिन रहने की कामना करती है ।


Spread the love
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News
error: Content is protected !!