आज नानकमत्ता पब्लिक स्कूल को अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय बेंगलुरु में पर्यावरण शिक्षा के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित विप्रो अर्थियन

आज नानकमत्ता पब्लिक स्कूल को अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय बेंगलुरु में पर्यावरण शिक्षा के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित विप्रो अर्थियन अवार्ड 2024 दिया गया। नानकमत्ता पब्लिक स्कूल के संस्था अध्यक्ष चंद्रशेखर अटवाल, नेचर साइंस इनिशिएटिव के रिद्धिमा और मुकेश को लिए यह पुरस्कार अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर अनुराग बहर और विप्रो फाउंडेशन के ट्रस्टी पी.एस. नारायण द्वारा दिया गया। उत्तराखंड ने दूसरी बार यह अवार्ड जीता है। इससे पहले 2023 में भी नानकमत्ता पब्लिक स्कूल को वेस्ट पर काम करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।

2 साल तक लगातार सस्टेनेबल मेंस्ट्रुएशन पर काम करने वाली पांच छात्राओं शीतल, जिया, अदिति, हर्षिता और अंजलि की टीम को देहरादून स्थित पर्यावरण शिक्षा के लिए काम करने वाली संस्था नेचर साइंस इनिशिएटिव के दिशा निर्देशन में वेस्ट पर किए गए महत्वपूर्ण काम के लिए 1200 स्कूलों के बीच इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

विप्रो अर्थियन कार्यक्रम स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी की सोच को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करता है।

2023 में छात्रों ने नानकमत्ता में लगने वाले दीपावली मेले के दौरान होने वाले वेस्ट पर एक व्यापक अध्ययन किया और पहली बार उत्तराखंड को विप्रो अर्थियन अवार्ड मिला। इस बार नानकमत्ता की पांच छात्राओं के ग्रुप को पीरियड्स के दौरान सेनेटरी नैपकिन से मेंस्ट्रुअल कप की तरफ़ बदलाव से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर किए गए 2 साल के काम के लिए यह अवार्ड दिया गया है। पांचो छात्रों की उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा होने के कारण वे यह पुरस्कार लेने बेंगलुरु न जा सके।

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