उत्तर प्रदेश: पुदीना और अजवाइन में मिला फेफड़ों के कैंसर पर असर डालने वाला यौगिक
लखनऊ में सीएसआईआर की दो संस्थाओं—केंद्रीय औषधीय एवं सुगंध पौधा संस्थान (सीमैप) और राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई)—के वैज्ञानिकों ने पुदीने और अजवाइन की विशेष प्रजातियों में कार्वीओल नामक प्राकृतिक यौगिक का अध्ययन किया है। शोध के अनुसार, प्रयोगशाला में इस यौगिक ने नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर की कोशिकाओं पर असर दिखाया। तीन साल के शोध से जुड़े निष्कर्ष 19 अक्टूबर को Journal of Molecular Structure में प्रकाशित हुए।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कार्वीओल कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि से जुड़ी प्रक्रियाओं और एलओएक्स-5 नामक एंजाइम की गतिविधि को प्रभावित करता है। प्रयोगशाला परीक्षणों में सामान्य कोशिकाओं पर इसके प्रभाव को भी परखा गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस यौगिक पर आगे शोध करके फेफड़ों के कैंसर के उपचार के लिए नई दवाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाश की जा सकती हैं। फिलहाल इसके असर और सुरक्षा को लेकर अधिक वैज्ञानिक जांच जरूरी है।
फेफड़ों के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी समेत अन्य उपचारों से मरीजों को कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे में प्राकृतिक यौगिकों पर हो रहा शोध भविष्य में नए उपचार विकल्प खोजने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, अभी यह कहना सही नहीं होगा कि पुदीना या अजवाइन खाने से कैंसर ठीक हो सकता है या कार्वीओल मरीजों में बिना दुष्प्रभाव के प्रभावी है। कैंसर के मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना अपना मौजूदा इलाज बंद न करें और न ही इन चीजों को उपचार का विकल्प मानें।




