भीषण गर्मी का कहर, पुलिस ने लोगों को दी राहत, ट्रैफिक लाइट की टाइमिंग को किया कम

भीषण गर्मी का कहर, पुलिस ने लोगों को दी राहत, ट्रैफिक लाइट की टाइमिंग को किया कम

देहरादून: उत्तर भारत में गर्मी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है. आलम यह है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्र में भी गर्मी से लोग परेशान हैं. मौसम विभाग ने राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई इलाकों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया हुआ है. राजधानी देहरादून पुलिस ने भी मौसम की इस मार को देखते हुए सड़क पर चलने वालों के लिए थोड़ी सी राहत दी है.

राजधानी देहरादून की सड़कों पर ट्रैफिक लाइट में खड़े लोगों को गर्मी बेहद सताती है. लगभग 1 मिनट तक लोगों को ट्रैफिक में खड़े रहना पड़ता है. ऐसे में देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने पूरे देहरादून का भ्रमण कर यह जानने की कोशिश की आखिरकार कहां-कहां पर अधिक समय तक ट्रैफिक लाइट जल रही है और लोगों को ट्रैफिक सिग्नल पर कितनी देर तक खड़ा होना पड़ रहा है. राजपुर रोड से लेकर जीएमएस रोड और हरिद्वार मार्ग रिस्पना पुल तक भ्रमण करने के बाद देहरादून में जहां पर भी ट्रैफिक लाइट की टाइमिंग अधिक थी, उनको तत्काल कम करने के आदेश दिए हैं.

ताकि ट्रैफिक में लोगों को ज्यादा देर तक खड़ा ना रहना पड़े. एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए लोगों को समस्या ना हो, इसलिए यह निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही अन्य जगहों का भी अवलोकन किया जा रहा है. राजधानी देहरादून में 12 से लेकर शाम 5 बजे तक ट्रैफिक फिलहाल वैसे कम है. लेकिन ट्रैफिक लाइट की वजह से कई लोगों को एक-एक मिनट तक रुकना पड़ रहा है.

भीषण गर्मी में पानी की समस्या से हलकान लोग

देहरादून वासियों को भीषण गर्मी के साथ पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है. देहरादून के कई इलाकों में पेयजल की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी का कहना है कि सरकार को पहले ही पेयजल सिस्टम को दुरुस्त कर देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जिस करण देहरादून ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है.

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट का कहना है कि पूरे प्रदेश में जल संकट गहराता जा रहा है और इसकी वजह से लोगों को पीने का पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है. उसी तरह देहरादून के कई इलाकों में लोगों को इस भीषण गर्मी में पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है. शीशपाल बिष्ट का कहना है कि जब लोग गहरी निद्रा में सोए हुए होते हैं उस वक्त आधी रात को पानी की सप्लाई दी जा रही है. लेकिन जब तक पानी भरने के लिए आंख खुलती है तब पानी आना बंद हो जाता है.

डीएम सोनिका ने मानसून को लेकर दिए निर्देश

आगामी मानसून के मद्देनजर विभागीय तैयारी और डेंगू सहित चिकनगुनिया रोग से बचाव और जन जागरूकता कार्यक्रम के मद्देनजर जिलाधिकारी सोनिका ने बैठक कर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने तहसीलों में मानसून के मद्देनजर कंट्रोल रूम स्थापित करने, जिसमें 24 घंटे संबंधित विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए. साथ ही जिला आपदा परिचालन केंद्र में स्थापित कंट्रोल रूम में 15 जून से सभी विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को कहा.

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