लालकुआं विधानसभा के अंतिम मतदाता तक पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत

– रावत ने चोरगलिया के हंसपुर खत्ता में चुनावी सभा को संबोधित किया
– रावत ने कहा खत्तों की हर समस्या का होगा समाधान
लालकुआं। पूर्व मुख्यमंत्री और लालकुआं से कांग्रेस के प्रत्याशी हरीश रावत ने मंगलवार को विधानसभा क्षेत्र में ताबड़तोड़ जनसंपर्क किया। रावत ने मंगलवार को लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर हंसपुर खत्ता पहुंचकर चुनावी सभा को संबोधित कटे हुए जनता से वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि चाहे वह बिंदुखत्ता हो या हंसपुर खत्ता सभी खत्तों की समस्याओं का हल निकाला जाएगा। रावत ने दो टूक कहा कि वह वोट बैंक की राजनीति नहीं करते उनके लिए जनता की समस्याओं का समाधान करना सर्वोपरि है।
पहली बार किसी बड़े नेता को अपने बीच देख कर हंसपुर खत्ता के लोग बेहद खुश नजर आए। यहां बड़ी संख्या में पहुंचे हंसपुर खत्ता, रेला खत्ता, जौलासाल खत्ता, टेड़ाघाट खत्ता, कलेगा खत्ता तथा तपस्या नाला खत्ता के लोगों ने रावत का जोरदार स्वागत किया। अपने संबोधन में रावत ने कहा कि जितना जरूरी उनके लिए जनता का वोट है उतना ही जरूरी उनकी समस्याओं का निराकरण करना भी है। उन्होंने कहा कि खत्तों में रह रहे वन गुर्जर और खत्ता वासियों की समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ शहर और दूसरी तरफ खत्ते। खत्तों में आज भी लोग 19 वी सदी जैसा जीवन जी रहे हैं। यहां लोग बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस सत्ता में आएगी और सबसे पहले इस समस्या का निदान खोजेगी। हम खत्तों के लिए अलग से एंबुलेंस सुविधा शुरू करेंगे। इसके अलावा सोलर लाइट और शौचालय बनाए जाएंगे। मालिकाना हक दिलाने के लिए रास्ता निकाला जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश दुर्गापाल और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा ने कहा कि यह लालकुआं विधानसभा क्षेत्र की जनता का सौभाग्य है कि उन्हें हरीश रावत जैसे जनप्रिय नेता को विधायक चुनने का अवसर मिला है। रावत जी विधायक ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री बनेंगे। जो लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। इस दौरान रावत ने खत्ता वासियों की अलग-अलग समस्याएं भी सुनी। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख रूपा देवी, भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए मंडल अध्यक्ष ललित प्रसाद, गुर्जर नेता मोहम्मद कासिम, सुरजीत कौर, बलजीत सिंह, बसंत बल्लभ, कैलाश थुवाल, गोपाल गंगोला समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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