झारखंड ने जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोयले को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने और खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों के लिए विशेष वित्तीय ढांचा तैयार करने की मांग उठाई। नई दिल्ली में हुई बैठक में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड का पक्ष रखते हुए कोयले पर राज्य को वैट लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा।
वित्त मंत्री के अनुसार, कोयले पर वैट लगाने की अनुमति मिलने से कोयला उत्पादक राज्यों के राजस्व में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने बिजली उत्पादन पर कर की दर को मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग भी रखी, ताकि बिजली उत्पादन पर कर का बोझ कम किया जा सके।
झारखंड सरकार का कहना है कि जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद मिले अनुभवों की समीक्षा करने का समय आ गया है। राज्य ने खनिज संपदा वाले राज्यों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वित्तीय व्यवस्था में बदलाव की मांग की है।





