वनकर्मियों के संरक्षण के बाद मगरमच्छ के दो सौ बच्चों ने लिया जन्म

रामनगर। कॉर्बेट का वातावरण वन्यजीव जीवों के लिए अनुकूल माना जाता है| जिसके चलते कॉर्बेट में बाघ, गुलदार, हाथी समेत सभी वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है| वहीं अब कॉर्बेट का वातावरण जलीय जीवों को भी रास आने लगा है| बीते दिनों घड़ियाल के 50 बच्चें मिलने के बाद अब फिर से कॉर्बेट के खिनानौली रेंज में मगरमच्छ के दो सौ से अधिक बच्चों ने जन्म लिया है| कॉर्बेट के वरिष्ठ वन्यजीव वैज्ञानिक शाह बिलाल ने बताया कि बीती रविवार को खिनानौली क्षेत्र में मगरमच्छ के 150 से अधिक बच्चें और 50 से अधिक मगरमच्छ के अंडे मिले थे| जिन्हे संरक्षित करने के बाद मंगलवार को सकुशल अंडों में से बच्चों ने जन्म लिया है|
कॉर्बेट के डिप्टी डायरेक्टर नीरज शर्मा ने बताया कि खिनानौली में वनकर्मियों की मदद से अंडों को पानी, पक्षियों और कई वन्यजीवों से संरक्षित किया गया| जिसके बाद मगरमच्छ के 50 से अधिक बच्चों ने जन्म लिया है| उन्होंने बताया कि बच्चों को संरक्षित करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं| साथ ही कॉर्बेट में मगरमच्छ और घिड़याल की संख्या बढ़ने से पर्यटन को भी एक नई दिशा मिलेगी|

वनकर्मियों के संरक्षण के बाद मगरमच्छ के दो सौ बच्चों ने लिया जन्म

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