आखिर क्यों है जिंदगी जिंदाबाद की टीम 24 कैरेट सोना

आखिर क्यों है जिंदगी जिंदाबाद की टीम 24 कैरेट सोना
रुद्रपुर -पिछले 6 वर्षों से समाज के उन असहाय और मजबूर लोगों की सहायता करने का बीडा लेकर चल रही जिंदगी जिंदाबाद की टीम हर क्षेत्र में लोगों से अपना स्नेह और प्यार अर्पित करती जा रही है। इस टीम ने पिछले 6 वर्ष में इस रुद्रपुर ही नहीं बल्कि जनपद के अलावा पंजाब तक में अपनी सहायताएं उपलब्ध कराई वह किसी भी परिचय की आवश्यकता नहीं रहती है। जिंदगी जिंदाबाद टीम एक मानवता की सेवा करने का ध्येय नहीं वरन उन्होंने अपने 6 वर्ष के कार्यकाल में ऐसे अनगिनत सामाजिक कार्य कर दिए कि जिनकी मिसाल नामुमकिन है। पिछले 6 वर्षों से लगातार रुद्रपुर के रोडवेज के समीप डीडी चौक पर मात्र ₹5 का और सहयोग लेकर हजारों लोगों को लगातार भोजन कराया जा रहा है। इसके अलावा जिंदगी जिंदाबाद की तरफ से पिछले 6 वर्षों में अनेक गरीब कन्याओं का विवाह भी कराया गया। जिसमें तमाम लोगों ने बढ़-चढ़कर आशीर्वाद दिया। जिंदगी जिंदाबाद की टीम समाज के हर क्षेत्र में कार्य कर रही है। जिसमें उनकी टीम ने पर्यावरण की रक्षा करने के लिए पूरे क्षेत्र में लगभग 10000 से अधिक पौधारोपण किया। इसके अलावा सिविल लाइन रुद्रपुर में एक मेडिसिन बैंक की भी स्थापना की जहां मात्र ₹5 में रोगियों को दवा उपलब्ध कराई जाती है। मात्र ₹5 का ध्येय को सार्थक लेकर गरीबों की निस्वार्थ रूप से सेवा करने का उद्देश्य अपने जीवन को आत्मसात करने वाली यह जिंदगी जिंदाबाद की टीम इसी पांच रुपए के साथ लेकर गरीब लोगों को जूते और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। ऐसे में यह कहना बेमानी होगा कि जिंदगी जिंदाबाद टीम हर प्रकार से 24 कैरेट सोने से भी अधिक चमक रहे हैं। ऐसे में मानवता के उद्देश्य को सार्थक कर रही जिंदगी जिंदाबाद की टीम को सितारगंज की संस्था श्री गुरु तेग बहादुर जी वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा जिंदगी जिंदाबाद टीम के संस्थापक करमजीत सिंह चानना को 24 कैरेट सोने का सिक्का देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वर्तमान युग में 24 कैरेट का सोना अपनी पहचान देता है इस प्रकार से इसी सोने की तरह जिंदगी जिंदाबाद की टीम भी अपनी चमक बिखेर रही है। उन्होंने संस्था के संस्थापक करमजीत सिंह चानना को और उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया। इस मौके पर चानना की तरफ से श्री गुरुतेग बहादुर जी संस्था वेलफेयर ट्रस्ट के दविंदर सिंह ,महेश मित्तल, सुप्रीत भाटिया, और सुखबीर बेदी समेत तमाम लोगों का आभार जताया।

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