बिहार: 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना पर 23 हजार करोड़ का बोझ, सक्षम उपभोक्ता भी उठा रहे लाभ
पटना। बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य सरकार हर साल करीब 23 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है। बिजली कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में करीब 2.20 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें 20 लाख से अधिक ऐसे उपभोक्ता बताए जा रहे हैं जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे हैं। सरकार की ओर से औसतन प्रत्येक परिवार को सालाना 8 से 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।
राज्य में करीब 90 लाख उपभोक्ता गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में आते हैं। वहीं, ग्रामीण उपभोक्ताओं की संख्या कुल उपभोक्ताओं की लगभग 50 प्रतिशत है। औद्योगिक उपभोक्ताओं की संख्या करीब दो लाख और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 12.4 लाख बताई गई है। सरकार ने बीपीएल परिवारों की छतों पर 1.5 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाने की योजना भी शुरू की है, जिससे भविष्य में मुफ्त बिजली की खपत को सौर ऊर्जा से समायोजित किया जा सकेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, 23 हजार करोड़ रुपये की सालाना सब्सिडी कई प्रमुख विभागों के बजट से भी अधिक है। इसी बीच पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ने की अपील का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वह खुद सबसे पहले 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ने जा रहे हैं।




