मध्य प्रदेश: फर्जी दस्तावेजों से बने 31 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट निरस्त, 66 आरोपी फरार

मध्य प्रदेश: फर्जी दस्तावेजों से बने 31 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट निरस्त, 66 आरोपी फरार

मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के बाद पासपोर्ट विभाग ने 70 में से 31 पासपोर्ट निरस्त कर दिए हैं। इनमें 17 पासपोर्ट ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र के सिमरिया गांव के पते पर बनाए गए थे। बाकी पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया भी जारी है।

जांच में सामने आया कि आरोपितों ने नाम और पहचान बदलकर भारतीय नागरिक होने के फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इस मामले में 66 आरोपी अब भी फरार हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इनमें से ज्यादातर देश छोड़कर इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार और चीन जैसे देशों में छिपे हुए हैं। इस नेटवर्क के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बौद्ध मठों के पते पर भी बनवाए गए थे।

मामले के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु और उसके तीन बांग्लादेशी साथियों सहित स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले गुलाबराय गौतम, गयाप्रसाद गौतम और भोपाल पासपोर्ट सेवा केंद्र के एजेंट नसीम अख्तर को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसटीएफ अब ग्वालियर-डबरा और नागपुर में सामने आए फर्जी पासपोर्ट मामलों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, निरस्त पासपोर्ट का इस्तेमाल करने वालों की पहचान इमिग्रेशन सिस्टम के जरिए की जा सकेगी।

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